Blood Sugar Level: डायबिटिक और स्‍वस्‍थ इंसान का कितना होता है नॉर्मल ब्‍लड शुगर लेवल, कैसे करें जांच

क्या आप जानते हैं कि एक डायबिटीज के मरीज और एक साधारण व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल कितना होना चाहिए। अगर नहीं तो यह डायबिटीज की जटिलताओं को बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।

ब्लड शुगर लेवल डायबिटीज के मरीज में किस समय कितना होना चाहिए। इसे लेकर कई तरह के भ्रम तथा गलत जानकारियां लोगों के जेहन में मौजूद हैं। जबकि डॉक्टर डायबिटीज के मरीज और एक साधारण व्यक्ति का आदर्श ब्लड शुगर लेवल कितना होना चाहिए, इसके लिए कई मानको पर बात करते नजर आते हैं।

दरअसल डॉक्टर एक सही ब्लड शुगर लेवल के लिए एक चार्ट भी जारी करते हैं, जिसके जरिए व्यक्ति रोजाना की दिनचर्या में आसानी से देख सकता है कि उसका ब्लड शुगर लेवल सही है या नहीं। हमारे इस लेख में एक स्वस्थ व्यक्ति और एक डायबिटीज मरीज का ब्लड शुगर लेवल कब कितना होना चाहिए। इसके बारे में बात करेंगे। अगर आप ब्लड शुगर से संबंधित सही जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो लेख को अंत तक पढ़ें।

​ब्लड शुगर चार्ट

डायबिटीज के मरीजों के रक्त शर्करा के स्तर को सही रखने के लिए ब्लड शुगर चार्ट बेहद जरूरी है। दरअसल इस चार्ट के जरिए ब्लड शुगर लेवल टेस्ट के बाद कितना होना चाहिए, यह पता चलता है। आपको बता दें कि डॉक्टर ब्लड शुगर लेवल चार्ट में A1C के बारे में बताते हैं। यह ब्लड शुगर लेवल का स्तर प्रति औसत और प्रतिशत पर मिलीग्राम डेसीलीटर पर देते हैं। दरअसल यह एक व्यक्ति के बीते तीन महीने के औसत रक्त शकर्रा के स्तर को बताता है।

​स्वस्थ और डायबिटीज रोगी का टार्गेट ब्‍लड शुगर चार्ट

  1. भोजन से पहले:
    स्वस्थ व्यक्ति का टार्गेट ब्‍लड शुगर लेवल 100 mg/dl से कम होना चाहिए। वहीं, डायबिटिक का ब्लड शुगर लेवल 80-130 mg/dl तक होना चाहिए।
  2. भोजन के 1-2 घंटे बाद:
    स्वस्थ व्यक्ति का ब्‍लड शुगर लेवल 140 mg/dl से कम, तो वहीं डायबिटिक का 180 mg/dl से कम होना चाहिए।
  3. बीते तीन महीने में ब्लड शुगर लेवल का A1C लेवल:
    स्वस्थ व्यक्ति में 5.7 प्रतिशत से कम और डायबिटिक में 180 mg/dl से कम होना चाहिए।

लोगों में अलग-अलग ब्लड शुगर लेवल होने की वजह

ब्लड शुगर हर व्यक्ति का अलग-अलग हो सकता है। आमतौर पर नाश्ते और भोजन से पहले रक्त शर्करा का स्तर कम होता है। वहीं भोजन के बाद रक्त शर्करा का स्तर अधिक होता है। वहीं डायबिटीज के मरीजों का ब्लड शुगर लेवल स्वस्थ व्यक्ति के मुकाबले अधिक होता है। इसके अलावा कई दूसरे कारण भी हैं जिसकी वजह से ब्लड शुगर लेवल भिन्न हो सकता है, यह कारण कुछ इस प्रकार हैं।

  1. उम्र और लाइफ एक्सपेक्टेंसी
  2. दूसरी स्वास्थ्य संबंधित समस्या
  3. डायबिटीज की बीमारी कितने समय से है
  4. हृदय रोग
  5. छोटी रक्त धमनियां
  6. तनाव
  7. दूसरी बीमारियां
  8. आंख, गुर्दे और मस्तिष्क से संबंधित समस्या
  9. बुरी आदतें और जीवन शैली

ब्लड शुगर लेवल चार्ट हर व्यक्ति का अलग हो सकता है। यही बात अमेरिका के कई डायबिटीज के संस्थान भी मानते हैं, कि हर व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल अलग अलग हो सकता है।

स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल किस समय कितना होना चाहिए?

  • नाश्ते या फास्‍ट से पहले ब्लड शुगर लेवल का स्तर – 60-90 mg/dl
  • भोजन से पहले रक्त शर्करा का स्तर -60-90 mg/dl
  • खाना खाने के एक घंटे बाद- 100 – 120 mg/dl

मधुमेह के उपचार की प्रक्रिया की शुरुआत में ही डॉक्टर हर व्यक्ति की स्थिति के आधार पर ब्लड शुगर लेवल की रेंज निर्धारित करते हैं। हालांकि गर्भावस्था के दौरान हुई डायबिटीज की समस्या में ब्लड शुगर लेवल की रेंज अलग हो सकती हैं।

ब्लड शुगर लेवल कब होता है खतरनाक, ऐसे में क्‍या करें

50 mg/dl या इससे कम –

यह स्तर एक खतरनाक स्थिति की ओर इशारा करता है। तुरंत दवा लें या डॉक्टर से संपर्क करें।

70-90 mg/dl –

यह ब्लड शुगर लेवल का बेहद लो स्तर है। तुरंत चीनी का सेवन करें या डॉक्टर से संपर्क करें।

90 mg/dl –

यह स्तर साधारण है।

120-160 mg/dl-

यह साधारण से कुछ ऊपर है, लेकिन यह स्तर होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

160-240 mg/dl –

यह रक्त शर्करा का बेहद उच्च स्तर है। इसे तुरंत कम करने के उपाय अपनाए।

240 – 300 mg/dl –

ब्लड शुगर लेवल का यह स्तर अधिक खतरनाक है। इसे नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर के पास जाएं।

300 mg/dl या ज्यादा –

यह सबसे खतरनाक स्तर है, बिना देर करे डॉक्टर से संपर्क करें।

​ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने के उपाय

  • कार्ब्स को पूरी तरह बंद ना करें।
  • अधिक से अधिक पानी पीएं।
  • एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी करें।
  • फाइबर युक्त पदार्थों का सेवन

ध्यान रहे कि यह तरीके मेडिकल उपचार नहीं है और इन्हें उपचार प्रक्रिया के अंदर आजमाने से पहले डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है। ऐसा इसलिए क्योंकि डायबिटीज के हर मरीज की स्थिति दूसरे से अलग होती है।

Gaurang Clinic & Centre for Homoeopathic Research

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