pet me dard: Cause and prevention ( पेट में दर्द: कारण और निवारण )

Pet me dard के बारे में बात करने से पहले हम बात करते हैं पेट के बारे में. पेट को हम एक तरह के “जादू के बक्से” के रूप में जान सकते है जिसके ऊपर से तो हमें कुछ नजर नहीं आता है. लेकिन अन्दर की बात को बिना किसी जांच के कुछ पता नहीं कर सकते हैं. इसकी जांच में सिटी स्कैन, MRI, एंडोस्कोपी तथा अल्ट्रा साउंड जैसी तकनीक की कुछ सहायता कर सकती है.

लेकिन यह जांच कराने के कुछ ऐसा सिलसिला चलने लगा की ज्यादातर डॉक्टर छोटी से छोटी परेशानी से होने वाले pet dard के लिए भी अल्ट्रा साउंड या कई तरह के जांच कराने के लिए जोर डालते हैं. जबकि कई तरह के पेट दर्द आमतौर पर गैस या खाने पिने की गड़बड़ी से भी होती है. वैसे आम तौर पर तो पेट में होने वाले दर्द को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए.

ऐसा अक्सर देखा गया है की हम लोग स्वयं ही मान लेते हैं कि रात में खाए गए खाने या देर से सोने की वजह से हुआ होगा. और जब कुछ दिनों तक आराम नहीं होता है तब वह डॉक्टर के पास जाने के बारे में सोचता है. ऐसे में डॉक्टर कई तरह के जांच लिख देता है जिससे आपके जेब पर काफी खर्च बढ़ जाते हैं.

यदि आप एक अच्छे और संवेदनशील डॉक्टर के पास जाते हैं तो वह आपसे बात करके और पेट की जांच करके अच्छा इलाज खोज सकता है. लेकिन यहाँ डॉ के साथ साथ मरीज को भी समझदार होना भी आवश्यक है. आइये हम पहले समझदारी बढाने के बारे में बात करते हैं.

पेट का दर्द किसी गंभीर या जानलेवा बिमारी का संकेत भी हो सकता है. वैसे तो आमतौर पर यदि मनुष्य को अचानक तेज पेट दर्द होने लगता है तो वह भागकर डॉक्टर के पास जाता है. लेकिन बड़ी समस्या तो हल्के-हल्के होने वाले पेट दर्द से या पहले तेज दर्द और कुछ ही समय में हल्का हो जाने वाले पेट दर्द से होता है. इस तरह के पेट दर्द में हम अक्सर यह सोचते हैं की हमारा पेट दर्द कुछ समय में ठीक हो जाएगा और पेट दर्द की दवा नहीं लेते हैं. जो कि हमें बिलकुल ही नहीं करना चाहिए.

पेट में दर्द ( pet me dard ) के कुछ सामान्य कारण

  • ज्यादा भोजन करने से
  • ज्यादा पानी पीने से
  • तेल, मिर्च मसाला वाला खाना अधिक समय तक खाने से
  • गंदा पानी पीने से
  • बाहर का खाना जैसे पिज्जा, बर्गर, आइसक्रीम, समौसा आदि ज्यादा खाने से
  • खाली पेट अधिक समय तक काम करने से
  • रात का बचा खाना खाने से
  • महिलाओं में मासिक धर्म के समय
  • संक्रमिक भोजन खाने से
  • अंकुरित दालों को ज्यादा खाने से
  • सूखा माँस (Dry meat) खाने से
  • खाना खाने के बाद ज्यादा तेज दौड़ने से
  • इरिटेबल बॉवल सिन्ड्रोम (आई.बी.एस.)
  • गैस समस्या (गैस्ट्रिक प्रॉबल्म)
  • गॉल स्टोन (Gallstone)
  • किडनी स्टोन (Kidney stone/Renal Calculai)
  • हर्निया  (Hernia)
  • एसीडिटी (Acidity)
  • इन्टेसटाइनल ओब्स्ट्रकसन (Intenetinal obstruction)
  • आत्रपुच्छ शोथ (Appendicitis)
  • यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन Urinary tract Infection (UTI)

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