rajiv gandhi cancer hospital
  • Rajiv Gandhi Cancer Hospital and Research Centre का इतिहास 
  • Rajiv Gandhi Cancer Hospital and Research Centre in Rohini, Delhi
  • Rajiv Gandhi Cancer Hospital के अनुसार योगा कैंसर जैसी गंभीर बिमारी को दूर रखने के में लाभदायक है
  • Rajiv Gandhi Cancer Hospital and Research Centre के बारे में ध्यान देने योग्य कुछ बातें 

Rajiv Gandhi Cancer Hospital तथा Research Centre की शुरुआत सन 1860 में गठित Indraprastha Cancer Society and Research Centre जो व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं था, के द्वारा 1996 में दिल्ली में किया था। यह उस समय में कुछ लोगों ने अपना एक समूह बनाकर जिनके पास कोई वित्तीय व्यवस्थाएं नहीं थी लेकिन कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के कारण, पैसे जुटाकर अस्पताल शुरू करने में सफल हुए। यह कैंसर से पीड़ित व्यक्तियों के लिए एक वरदान है।

Rajiv Gandhi Cancer Hospital तथा Research Centre आज एशिया के मुख्य कैंसर अस्पतालों में से एक है, जो आधुनिक तकनीकों से भरपूर है तथा सुप्रसिद्ध विशेषज्ञों द्वारा उपयोग किये जाते हैं। इस तकनिकी के कारण ही केवल भारतीय कैंसर पीड़ितों का ही नहीं बल्कि अन्य देशों के रोगियों की भी देखभाल सुनिश्चित करता है।

यह संसथान मेडिकल, Radiation Oncology तथा Surgical में बेहतर और आधुनिक देखभाल और सेवायें प्रदान करता है। RGCIRC के स्पेशलिस्ट cancer के निदान तथा उपचार के लिए अलग-अलग तरह के अभ्यास करते रहते हैं। यह संस्था front-line technology का उपयोग कर प्रत्येक कैंसर पीड़ित व्यक्ति का पहचान करके सभी उच्च संभव परिणामों के लिए उपचार योजना को बनाने में मदद करता है। यह भारत में रोगियों की robotic surgery करने वाला पहला अस्पताल है।

RGCIRC अपने मरीजों के लिए अति आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करके लाभ पहुचाता है। यह संस्था पीड़ित के पुरे शरीर की robotic surgery, Intra-Operative Brachytherapy, True Beam और MRI fusion, High Frequency Ultrasound, Tomosynthesis, Nucleic Acid Testing, advanced diagnostic, imaging techniques, including Digital PET CT, Circulating Tumor Cell testing, liquid biopsy तथा Next Generation Sequencing करने के लिए प्रयोगशाला स्थापित है जो इस संस्था का मुख्य आकर्षण है।

Rajiv Gandhi Hospital और Research centre को भारत के श्रेष्ठतम Oncology Hospitals में से मुख्य है जिसने Oncology Hospitals के लिए including National Business Leadership & Service Excellence का अवार्ड 2017 में तथा Indywood Medical Excellence Award 2017, Most Trusted Hospital in Oncology 2017, और भारतीय समूह द्वारा आयोजित Fire & Security Association द्वारा Runner up in Finest India Skills & Talent Award 2020 प्राप्त किये हैं।

Rajiv Gandhi Cancer Hospital and Research Centre in Rohini, Delhi

देश की राजधानी दिल्ली में तथा आस-पास के क्षेत्रों में कैंसर के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए एक अति आधुनिक oncology centre की शुरुआत की गई है। Rajiv Gandhi Cancer Hospital and Research Centre कैंसर से देखभाल के मामले में एशिया के मुख्य बड़े केन्द्रों में से एक है जो गौतम नगर क्षेत्र में स्थित है।

दिल्ली में बच्चो के अन्दर होने वाले कैंसर की अधिक घटनाएं है। राष्ट्रिय राजधानी में इस संस्था ने अपनी सेवाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दक्षिणी दिल्ली में इस केंद्र की स्थापना की गई है। RGCIRC यहाँ शहर के कई हिस्सों तथा आस पास के शहरों जैसे- नोएडा, फरीदाबाद, गुणगाँव और गाज़ियाबाद आदि के लिए सुविधाजनक है। सन 2008-2009 से कैंसर के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं रोजाना 1300 से अधिक लोग कैंसर की बीमारी से अपनी जान गवांते हैं जो काफी चिंताजनक है।

किये गए शोधों के अनुसार भारत में कैंसर के मरीज 2016 में 14 लाख के करीब थे जो 2020 में बढ़कर लगभग 17.4 लाख होने का अनुमान लगाया गया है। वही कैंसर से होने वाली मौत का आंकड़ा 8.80 लाख से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है।

दिल्ली के रोहिणी में स्थित Rajiv Gandhi Hospital and Research Centre में प्रति वर्ष 60,000 से अधिक कैंसर पीड़ित आते हैं। तथा यह अस्पताल पूरी जिम्मेदारी से लोगों की हमेशा से मदद करता रहता है।

Rajiv Gandhi Cancer Hospital के अनुसार योगा कैंसर जैसी गंभीर बिमारी को दूर रखने के में लाभदायक है

  हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण अभी तक सामने नहीं आया है । किन्तु हम सबको यह बात अच्छी तरह से पता है की योगा से थकान तथा तनाव से मुक्ति मिलती है । योगा से हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता में बृद्धि होती है । देखा गया है की कैंसर से पीड़ित लोगों में योगा से इच्छाशक्ति मजबूत होती है तथा cancer से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है ।

Cancer का इलाज होते समय मरीजों में अक्सर Side effect होते हैं लेकिन डॉ. हर्षा अग्रवाल का कहना है की योग से इससे काफी मदद मिलती है । योग साधना में किये जाने वाले प्राणायाम से शरीर में लचीलापन और रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है । योग से मानसिक मजबूती प्राप्त होती है । योग हमारे शरीर पर कई तरह से असर डालते हैं ।

किमो थेरेपी के दौरान होने वाले समस्या जैसे- उलटी तथा चक्कर आना, से राहत पाने के लिए मुक्त आसन, उत्तानपाद आसन, शीतली, शितकारी और सदन्त प्राणायाम कर सकते हैं । महिलाओं में माहवारी या गर्भावस्था के दौरान कुछ योग के आसन करना वर्जित होता है ।


आमतौर पर योग से किसी प्रकार का नुकसान तो नहीं होता है लेकिन योगा आसन के लिए प्रशिक्षक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए ।

Rajiv Gandhi Cancer Hospital and Research Centre के बारे में ध्यान देने योग्य कुछ बातें 

RGCIRC के बारे में 

  1. RGCIRC की स्थापना 1996 में हुई थी यह एशिया के सबसे बड़े कैंसर चिकित्सा केन्द्रों में से एक है।
  2. Rajiv Gandhi Cancer Hospital ने लगातार कई तरह के अवार्ड प्राप्त किये हैं जैसे- सर्वश्रेष्ठ ओन्कोलोजी अस्पताल 2014, हेल्थकेयर लीडर अवार्ड 2014 आदि।
  3. इस NABH मान्यता प्राप्त अस्पताल NABH ने ब्लड बैंक, NABL से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला, NABH सर्टिफिकेट फॉर नर्सिंग एक्सीलेंस और NABH ग्रीन ओटी सर्टिफिकेशन दिया है।
  4. यह संस्था 1860 में गठित इन्द्रप्रस्थ कैंसर सोसायटी और अनुसन्धान केंद्र की एक परियोजना है।
  5. इस अस्पताल की शुरुआत में 152 बेड थे लेकिन अब यह बढ़कर 302 बेड वाला अस्तपाल है।
  6. इस संस्था में लगभग 60,000 सालाना मरीजों की देखभाल होती है।
  7. यह संस्था ISO 9001 और ISO 14001 द्वारा पप्रमाणित है तथा इस संस्था ने 2013 में नैनोकोनिफ नामक विद्युत प्रोद्योगिक शुरू की है ।
  8. इस संस्था द्वारा 2016 में नीतिबाग में एक नया कैंसर सेवा केंद्र स्थापित किया गया है।
  9. यह संस्था उत्तर भारत में बाल कैंसर चिकित्सा का मुख्य यूनिट है जो कैंसर पीड़ित बच्चों की देखभाल करता है।
  10. इस संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रसिद्ध संस्थानों से रणनीतिक गठजोड़ किया है जिसमे मुख्य नाम है थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी। जिसके कारण RGCIRC को विश्व स्तर का लीग माना जाता है यह कैंसर के इलाज में हमेशा नए दृष्टिकोण अपनाता है।

विशेषज्ञ और डॉक्टर टीम 

  1.   Rajiv Gandhi Cancer Hospital and Research Centre में 100 से अधिक सलाहकार, 150 से अधिक निवासी डॉक्टर, 500 से अधिक नर्सिंग स्टाफ और 150 से अधिक पैरामेडिकल टेकनिशियन हैं।
  2.   यह संस्थान विकिरण ऑन्कोलॉजी, मेडिकल और सर्जिकल की विशेष देखभाल सेवायें देता है।
  3.   यह संस्थान अत्याधुनिक तकनिकी, न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी, लक्षित उपचार, कीमोथेरेपी, रेडिओथेरेपी और कैंसर से रोकथाम भी प्रदान करता है।
  4.   केंद्र में इंट्रा-ऑपरेटिव ब्रैकीथेरेपी, पूरे शरीर की रोबोट सर्जरी, ट्रू बीम, फ्रीक्वेंसी अल्ट्रासाउंड, पीईटी – एमआरआई फ्यूजन, हाई टोमोसाइनथिसिस और न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग जैसी बेहतरीन तकनीकें उपलब्ध हैं।
  5.   यह संस्थान परिसंचारी ट्यूमर सेल परिक्षण, उन्नत नैदानिक, PET सिटी और इमेजिंग तकनीक प्रदान करता है।

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